धर्मशाला। जिला कांगड़ा में टीबी अभियान के अंतर्गत अब तक 2.6 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 73 हजार लोगों के छाती के एक्स-रे विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में किए हैं। सीएमओ कांगड़ा डॉ. राजेश गुलेरी ने धर्मशाला में आयोजित टीबी रोग उन्मूलन कार्यक्रम की जिला स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभियान के अगले चरण में जनभागीदारी को प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया है। इसके अंतर्गत पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल बच्चों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से जन-जागरूकता फैलाई जाएगी और ज्यादा से ज्यादा लोग टीबी की जांच और स्क्रीनिंग के लिए आगे आएंगे।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला टीबी रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि जिला कांगड़ा में चलाया जा रहे 100 दिवसीय टीबी अभियान को अब बढ़ा दिया है, ताकि टीबी के खिलाफ लड़ाई में कोई भी पीछे न रह जाए। बुजुर्गों, मधुमेह रोगियों, कुपोषित व्यक्तियों, धूम्रपान करने वालों और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों जैसे जोखिमपूर्ण वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्क्रीनिंग और एक्स-रे के उपरांत यदि कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं और एक्स-रे सामान्य होता है तो ऐसे लोगों को टीबी से बचाव के लिए निशुल्क टीबी रोकथाम उपचार प्रदान किया जाएगा। टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर रोकथाम उपचार टीबी उन्मूलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिले में टीबी रोगियों को सहयोग प्रदान करने के लिए 88 निक्षय मित्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो रोगियों के उपचार में सहायक भूमिका निभा रहे हैं। मई में अब तक 366 टीबी रोगियों को पोषण किट वितरित की जा चुकी हैं। हालांकि, 850 रोगियों ने सहमति दी है, परंतु बड़ी संख्या में मरीज अब भी पोषण सहायता की प्रतीक्षा में हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जिले में अभी भी अधिक निक्षय मित्रों की आवश्यकता बनी हुई है। निक्षय मित्र बनने और सहायता देने के इच्छुक व्यक्ति अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर सकते हैं या पोर्टल से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा 50 पोषण किट भेंट की गईं। डॉ. सूद ने नगरोटा सूरियां क्षेत्र के टीबी रोगियों के लिए 20 पोषण किट भेंट की।
दवा आपूर्ति में न आए रुकावट : डॉ. गुलेरी
डॉ. गुलेरी ने सभी ब्लॉक फार्मेसी अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवा आपूर्ति में कोई रुकावट न आए और सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखा जाए। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 320 डॉक्टरों को इस माह चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे टीबी प्रबंधन की नवीन जानकारी और औजारों से सुसज्जित होंगे और रोगियों को बेहतर सेवा दे सकेंगे।