धर्मशाला। निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री एवं सिक्योंग पेंपा सेरिंग ने पूर्वोत्तर दौरे के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) की आलोचना की। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की वेबसाइट पर सिक्योंग ने लिख कि शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के भीतर और पूरे पार्टी तंत्र में गहरी असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
शी की शक्ति के एकीकरण ने विशेष रूप से उनके भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के माध्यम से भय का माहौल पैदा कर दिया है। चीन की अर्थव्यवस्था वर्तमान में कई चुनौतियों से जूझ रही है, जिसमें उपभोक्ता मांग में भारी गिरावट, जनसांख्यिकीय बदलाव के कारण सिकुड़ता कार्यबल और इसकी शून्य-कोविड नीतियों से चल रहे नतीजे शामिल हैं। अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे चरण में अन्य बस्तियों की पिछली यात्राओं के दौरान उठाए गए मुख्य बिंदुओं को संक्षेप में दोहराया।
यात्रा के दौरान कार्यशील लोकतांत्रिक प्रणाली के साथ एक मजबूत समुदाय की स्थापना में धर्मगुरु दलाई लामा, निर्वासित तिब्बतियों की पुरानी पीढ़ी का योगदान, तिब्बती पठार का भू-राजनीतिक और सामरिक महत्व, एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में तिब्बत की ऐतिहासिक स्थिति को समझने की आवश्यकता, लुप्तप्राय तिब्बती सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का महत्व व विकास लाने और निर्वासित तिब्बती बस्तियों और संस्थानों के निरंतर निर्वाह को सुनिश्चित करने के लिए 16वें कशाग की प्रमुख पहल आदि मामले चर्चा में शामिल रहे। ब्यूरो