राजा का तालाब (कांगड़ा)। शिव मंदिर तलाड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुनकर पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया। कथा स्थल पर जय कन्हैया लाल की, जय यशोदा लाल की के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
कथा व्यास स्वामी आदेश पुरी ने वासुदेव द्वारा नन्हें कृष्ण को टोकरी में लेकर व्रज ले जाने की कथा का भावपूर्ण विस्तार करते हुए कहा कि जब-जब आसुरी शक्तियां धरती पर उत्पात मचाती हैं, तब-तब परमात्मा सगुण रूप धारण कर धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए अवतरित होते हैं।
उन्होंने बताया कि श्री हरि का प्रत्येक अवतार गऊ माता, ब्राह्मणों, संतों और सात्विक जनों की रक्षा तथा सनातन धर्म की स्थापना के लिए होता है। कृष्णावतार में भी यही उद्देश्य रहा कि धर्म मार्ग से भटके लोगों को सही दिशा दी जाए और असुरों के बढ़ते अत्याचार से साधु पुरुषों की रक्षा हो सके। इस अवसर पर सीमा देवी, मंजू बाला, सोनू बाला, सुशील कुमार, तेज सिंह और राकेश कुमार सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे।