इस फैसले में मुझे विश्वास हो गया है कि यह निर्णय बचत के लिए नहीं केवल कुछ समय के लिए राजनीति करने का है। उन्होंने कहा कि समुद्र की तरह एक-एक बूंद बचाने से समुद्र भरता है और एक-एक बूंद लुटाने से समुद्र खाली होता है। मैंने स्वयं यह सब कुछ करके देखा है। मैंने एक-एक पैसा बचाया और करोड़ों रुपये की बचत कर हिमाचल में शानदार विकास किया। उन्होंने हिमाचल सरकार से विशेष आग्रह किया है कि अनुभवी नेताओं की एक कमेटी बना कर सभी प्रकार के खर्चों में बचत करने का निर्णय करें। प्रदेश में कुछ साधन भी बढ़ाए जा सकते हैं। यदि बिजली का मूल्य बढ़ता है, तो उसे बनाने वाले साधन पानी की रॉयल्टी भी बढ़नी चाहिए। हिमाचल सरकार इस पर संघर्ष करे और रॉयल्टी को भी बढ़ाया जाए।