धर्मशाला। सिलाई अध्यापिका संघ कांगड़ा का प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष सुनीता राणा की अध्यक्षता में तपोवन में मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखने पहुंचा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सिलाई अध्यापिकाओं को नियमित करने की मांग उठाई। प्रदेशाध्यक्ष सुनीता राणा ने बताया कि प्रदेशभर में 1600 और जिला कांगड़ा में 400 के करीब सिलाई अध्यापिकाएं कार्यरत हैं जो वर्ष 2017 से पंचायत सचिवों के साथ पंचायतों के कार्यों में अपनी सेवाएं दे रही हैं लेकिन आज दिन तक कोई भी स्थायी नियमितिकरण की नीति नहीं बनाई गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से 20 फीसदी पंचायत सचिवों का कोटा भी कुछ ही अध्यापिकाओं को मिल पा रहा है। इसके चलते उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संवाद