धर्मशाला। चरस और चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार आरोपी पर आरोप सिद्ध होने के बाद न्यायालय ने दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 1.10 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसे अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। विशेष न्यायाधीश (वक्फ ट्रिब्यूनल) धर्मशाला जसवंत सिंह की अदालत ने दोषी कुनाल ठाकुर निवासी घनेटा, तहसील पालमपुर को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है।
न्यायालय में बताया गया कि 21 दिसंबर 2019 को स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल सेल कांगड़ा की टीम नगरोटा बगवां में लिंक रोड इंजीनियरिंग कॉलेज से भंगाली की ओर गश्त पर थी। इस दौरान एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस को देखकर युवक भागने लगा और उसने झाड़ियों की ओर एक प्लास्टिक लिफाफा फेंक दिया। पकड़े जाने पर उसकी पहचान कुनाल ठाकुर के रूप में हुई। जांच में आरोपी के कब्जे से 11.64 ग्राम चिट्टा और 50.91 ग्राम चरस (आठ गोलियां) बरामद की गई। ड्रग डिटेक्शन किट से प्राथमिक जांच और बाद में प्रयोगशाला रिपोर्ट में भी बरामद पदार्थ चिट्टा और चरस प्रमाणित हुए। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसमें चरस बरामदगी में दोषी को एक वर्ष का कठोर कारावास, 10 हजार रुपये जुर्माना और इसे अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास होगा। वहीं, चिट्टा बरामदगी में सात वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया तथा जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं साथ में चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी जिला न्यायवादी संजीव राणा ने की और नायब कोर्ट हैरी सहायक रहे।