पालमपुर (कांगड़ा)। स्वास्थ्य खंड भवारना में पीलिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में शनिवार को सात और नए मरीज पीलिया की चपेट में आए हैं। नए मामलों में चार मरीज भवारना, दो सुलह और एक डरोह अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे हैं। इस बीच वारी पंचायत में स्कूल के पास से स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए पानी के नमूने की जांच रिपोर्ट भी फेल आ गई है।
इस सैंपल को विस्तृत जांच के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, जहां पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है। पानी की रिपोर्ट खराब आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में पीलिया के मरीजों की संख्या में और इजाफा हो सकता है तथा यह बीमारी अपने पीक पर पहुंच सकती है।
क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से पीलिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब तक बच्चों सहित कुल 32 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि समय रहते बीमारी का पता चलने के कारण मरीजों का उपचार सही दिशा में चल रहा है और कई लोग ठीक भी हो चुके हैं।
घर-घर पहुंच रहीं संयुक्त टीमें
दूषित पानी की रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमों ने प्रभावित इलाकों का मोर्चा संभाल लिया है। टीमें घर-घर जाकर लोगों को उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक कर रही हैं। भवारना स्वास्थ्य खंड द्वारा इस पूरे घटनाक्रम की दैनिक रिपोर्ट एसडीएम पालमपुर और सीएमओ कांगड़ा को भेजी जा रही है, जिसके बाद उच्च स्तर पर भी स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी भवारना के सिहोटू में दूषित हैंडपंप के पानी के कारण दो दर्जन से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ गए थे, जिससे सबक लेते हुए इस बार प्रशासन अलर्ट है।
शनिवार को पीलिया के सात नए मरीज सामने आए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वारी में पिछले दिनों लिए गए पानी के नमूने की रिपोर्ट सही नहीं आई है, जिसकी तकनीकी रिपोर्ट जल शक्ति विभाग को आगामी कार्रवाई के लिए सौंप दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रही हैं और बीमारी की रोकथाम के लिए हर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। -डॉ. नवीन राणा, बीएमओ, भवारना