धर्मशाला के गांधी वाटिका के पास पुलिस बूथ का विरोध करते हुए ट्रैक्सी ऑपरेटरों की समस्या को सुनत
धर्मशाला। शहर के ऐतिहासिक गांधी वाटिका परिसर में प्रस्तावित ई-टैक्सी बूथ के स्थान के लिए स्थानीय टैक्सी यूनियन और पूर्व सैनिकों ने कड़ा विरोध जताया है। इन्होंने मांग उठाई कि इस बूथ को गांधी वाटिका में बनाने के बजाय कचहरी से बस अड्डा मार्ग के बीच किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर स्थापित किया जाए।
टैक्सी चालक लकिंद्र सिंह, प्रविंद्र, रवि कुमार, राजेश, कर्म सिंह, अमर सिंह, कपिल और सतीश कुमार का कहना है कि गांधी वाटिका में ई-टैक्सी बूथ खुलने से स्थानीय ऑपरेटरों के पारंपरिक रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने मांग रखी कि प्रशासन को कोई भी नया ढांचा तैयार करने से पहले सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लेना चाहिए ताकि यात्रियों की सुविधा के साथ स्थानीय चालकों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके।
प्रशासन की योजना शिमला की तर्ज पर इस आधुनिक बूथ को विकसित करने की है जिससे यहां आने वाले सैलानियों और आम यात्रियों को पारदर्शी व सुरक्षित यात्रा सेवाएं मिल सकें।
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मौके पर पहुंचे महापौर और पुलिस अधिकारी
विरोध की सूचना मिलते ही नगर निगम के महापौर, स्थानीय पार्षद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राम प्रसाद और धर्मशाला थाना प्रभारी नारायण सिंह मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने टैक्सी चालकों की भ्रांतियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि इस बूथ के बनने से उनका कोई नुकसान नहीं होगा। बूथ के जरिए बाहर से गाड़ियां नहीं बुलाई जाएंगी बल्कि स्थानीय पंजीकृत टैक्सियों का ही संचालन होगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मी के साथ टैक्सी यूनियन का एक प्रतिनिधि भी बूथ में बैठेगा। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य बाहर से आने वाले पर्यटकों और यात्रियों को उचित मार्गदर्शन देना है, ताकि उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए भटकना न पड़े और मनमाने किराये से राहत मिले।
धर्मशाला के गांधी वाटिका के पास पुलिस बूथ का विरोध करते हुए ट्रैक्सी ऑपरेटरों की समस्या को सुनत