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Kangra News: शाहपुर बाजार बचाने के लिए क्रमिक हड़ताल शुरू

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शाहपुर बाजार बचाओ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा
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चौड़ाई कम करने या फ्लाईओवर बनाने की मांग
कहा-मांगें न मानीं तो करेंगे आमरण अनशन, चक्का जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहपुर (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी फोरलेन का काम अब बरसात के बाद जोर पकड़ने लगा है। इस जद में सौ साल पुराना शाहपुर बाजार भी आ गया है। शाहपुर बाजार बचाने को लेकर दुकानदार पिछले दो साल से संघर्ष कर रहे हैं। अब फिर शाहपुर बाजार बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले दुकानदारों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस मौके पर स्थानीय दुकानदार नवनीत शर्मा, सचिन महाजन, प्रतीक महाजन, सतीश कुमार गुप्ता और कमल कुमार आदि ने कहा कि पुरानी तहसील कार्यालय से पुलिस स्टेशन शाहपुर तक फ्लाईओवर बनाया जाए। यदि फ्लाईओवर संभव न हो सके तो सड़क की चौड़ाई को कम करके 28 मीटर किया जाए। बाजार के बीच स्थित बंदला पुल की चौड़ाई 24 मीटर रखी जा रही है तो फिर दुकानों को 36 से लेकर 48 मीटर क्यों तोड़ा जा रहा है।
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लोगों ने मांग की कि बाजार में सड़क की चौड़ाई कम किया जाए। यदि यह भी संभव न हो तो शाहपुर में बाईपास बनाया जाए। उन्होंने सवाल उठाए कि पठानकोट से लेकर मंडी तक सभी बाजारों को उजाड़ने से बचाया जा रहा है, तो फिर शाहपुर को ही क्यों उजाड़ा जा रहा है। अगर शाहपुर बाजार को उजड़ने से बचाया जा सकता है तो लगभग एक हजार लोगों की रोजी रोटी बन सकती है। एक तरफ सरकार रोजगार देने की बात करती है। यहां तो लोगों का रोजगार ही छीना जा रहा है। अभी फिलहाल दुकानदारों की क्रमिक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रहेगी। अगर सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो हड़ताल और भी तेज की जाएगी। इसमें आमरण अनशन और चक्का जाम करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। शाहपुर में एक दुकान का मार्केट रेट एक करोड़ रुपये है, जबकि सरकार ने मात्र तीन और चार लाख के बीच में दिया है। अगर हम बाहर जाकर दुकान लेते हैं तो हमें मार्केट रेट पर दुकान मिलेगी। मुआवजा राशि जबरदस्ती कोर्ट का डर दिखाकर दी गई है। मुआवजा वापस देने को भी तैयार हैं। दुकानों के बदले जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। उन्होंने कहा कि पहली डीपीआर में फ्लाईओवर का ही प्रावधान ही था, जिसे बिना तकनीकी सलाह लेकर रद्द किया गया, जिसे बाजार के 350 दुकानदारों को विश्वास में नहीं लिया गया। इस मौके पर प्रदीप महाजन, अरुण महाजन, जगदीश राज, सोनू राजा, राघव, जितेंद्र वर्मा, बंटू राम, श्याम सुंदर, तनु महाजन, प्रवीन कुमार, पंकज महाजन आदि मौजूद रहे।
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