रानीताल (बाथू पुल) के पास बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पहाड़ियों पर लगाए सुरक्षा जाले और फोरलेन पर
धर्मशाला। कांगड़ा में रात से सुबह तक हुई मानसून की पहली ही तेज बारिश ने मटौर-भंगवार फोरलेन की पहाड़ियों पर लगाए गए सुरक्षा जालों (रॉकफॉल नेट) की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। रानीताल (बाथू पुल) के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सुरक्षा जालों को तोड़कर फोरलेन पर आ गिरे। इससे मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और वहां से गुजर रहे वाहन चालकों में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में संजीव कुमार, राजीव कुमार, लेख राज और अनिल कुमार सहित अन्य का कहना है कि पहाड़ी पर करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए सुरक्षा जाल पहली ही बरसात का दबाव नहीं झेल पाए। यदि पत्थरों के गिरने के समय वहां कोई वाहन गुजर रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन ने सफर को बेहद जोखिम भरा बना दिया है। चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों से क्षतिग्रस्त जालों को बदलने और पहाड़ी को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाने की मांग की है।
बरसात की पहली बारिश से फोरलेन कंपनी की ओर से पहाड़ियों पर लगाए गए जो भी सुरक्षा जाले (रॉकफॉल नेट) क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी साथ-साथ ही मरम्मत कर दी जाएगी, ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। -धनंजय मिश्रा, इंजीनियर, फोरलेन निर्माता कंपनी
रानीताल (बाथू पुल) के पास बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पहाड़ियों पर लगाए सुरक्षा जाले और फोरलेन पर