परागपुर (कांगड़ा)। विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) क्षेत्र गरली-परागपुर में भवन निर्माण के लिए अनिवार्य एनओसी को लेकर नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग और पंचायतों के बीच खींचतान शुरू हो गई है। विभाग ने निर्माण के लिए एनओसी तो अनिवार्य कर दी है, लेकिन यह प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा, इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
इसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। धर्मशाला स्थित मंडलीय योजनाकार के निर्देशानुसार साडा सदस्य सचिव का कहना है कि पंचायतों को एनओसी जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। दूसरी ओर पंचायतों ने ऐसे किसी भी अधिकार से साफ इनकार कर दिया है। विभाग और पंचायतों के बीच इस खींचतान का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, राजिंद्र सिंह, पवन कुमार, अविनाश, नवीन, राकेश और कमल किशोर ने और संजीव कुमार सहित अन्य ने बताया कि एनओसी न मिलने के कारण वे बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। एनओसी न मिलने के कारण लोग न तो नया निर्माण कर पा रहे हैं और न ही जरूरी सुविधाएं ले पा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले तक विभाग का एक कर्मचारी सप्ताह में एक दिन परागपुर आता था, जिससे लोगों को जानकारी मिल जाती थी। अब वह व्यवस्था भी बंद है, जिससे ग्रामीणों को प्रक्रिया समझने में भारी दिक्कत आ रही है।
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम 1977 की धारा 30-ए के तहत गरली-परागपुर को दी गई छूट लागू है। नियमों का पालन करने के बाद एनओसी जारी करने का अधिकार संबंधित ग्राम पंचायत और साडा सदस्य को दिया गया है। -मनदीप सिंह, सदस्य सचिव, साडा गरली-परागपुर
पंचायतें साडा की कोई एनओसी जारी नहीं कर रही हैं। पहले विभाग का कर्मचारी सप्ताह में एक बार आता था, लेकिन अब वह भी नहीं आता। एनओसी को लेकर स्पष्ट जानकारी केवल टीसीपी विभाग ही दे सकता है। -पवन कुमार, सचिव, पंचायत परागपुर