बैजनाथ (कांगड़ा)। पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग से गत मंगलवार को उड़ान भरने वाले एक रूसी सोलो पायलट को 20 घंटे बाद बुधवार सुबह रेस्क्यू किया गया। उड़ान भरने के बाद धौलाधार की पहाड़ियों में रास्ता भटकने से पायलट पॉवेल को जालसू की पहाड़ी के पीछे लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई से क्रैश लैंडिंग करनी पड़ी थी।
रूसी पायलट पॉवेल दुर्घटना के बाद लगभग 20 घंटे तक अकेले पहाड़ पर फंसा रहा। उसने अपने रेडियो सेट के माध्यम से बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन को दुर्घटना और अपनी स्थिति की सूचना दी। हादसे की सूचना मिलते ही माउंटेन पैरा रेस्क्यू टीम ने तुरंत बचाव का जिम्मा संभाला और हेलीकॉप्टर बुलाया गया।
बुधवार सुबह होते ही रेस्क्यू के प्रयास शुरू कर दिए गए और बचाव दल जल्द ही पायलट के पास पहुँच गया। टीम ने पायलट को 12 हजार फीट की ऊंचाई से सुरक्षित लिफ्ट कर लिया। एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने कहा कि रूसी पायलट का रेस्क्यू कर लिया है। उसे स्पाइनल इंजरी आई है, जिस कारण पालमपुर के निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया है।