फर्जी हाजिरी लगाने के मामले पर जिला पंचायत अधिकारी ने जारी किए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। देहरा उपमंडल के परागपुर ब्लाॅक की बठरा पंचायत के सचिव और प्रधान से 42, 900 रुपये की रिकवरी की जाएगी। जिला पंचायत अधिकारी ने इस संदर्भ में विकास खंड परागपुर के बीडीओ को पत्र जारी किया है। पत्र में कहा है कि संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षरों के साथ सभा निधि से 42,900 रुपये की अनुचित निकासी की गई है।
जांच की रिपोर्ट में यह पाया गया कि पंचायत की ओर से अलग-अलग कार्यों के चार फर्जी मस्टररोल तैयार किए गए। उनकी कुल राशि 42,900 रुपये बनती है। मामले की जांच पूर्व खंड विकास अधिकारी की ओर से पंचायत निरीक्षक से करवाई गई थी। जांच में पाया गया कि प्रधान और पंचायत सचिव दोनों ने मिलकर सभा निधि की राशि का दुरुपयोग किया था।
इस पर संज्ञान लेते हुए उस समय के खंड विकास अधिकारी ने प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा जिला पंचायत अधिकारी से की थी। इस पूरे मामले को लेकर प्रधान और पंचायत सचिव को जिला पंचायत अधिकारी की ओर से नोटिस भी जारी किए गए थे। मगर पंचायत प्रधान और पंचायत सचिव का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके चलते अब प्रधान और सचिव को पंचायत के खाते में संबंधित राशि जमा करवानी होगी। मस्टररोल में कुछ मजदूरों की गलत तरीके से दिहाड़ी लगाने का मामला इसी ग्राम पंचायत के स्थानीय निवासी की ओर से उजागर किया गया था। उन्होंने इसकी शिकायत बीडीओ परागपुर से की थी। जांच रिपोर्ट में शिकायत उचित पाई गई। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार पंचायत बठरा के प्रधान और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसका उत्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
कार्यवाहक खंड विकास अधिकारी एवं अधीक्षक परागपुर मनोज शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा ने बठरा पंचायत के प्रधान और सचिव से रिकवरी के निर्देश दिए हैं। प्रधान और सचिव को रकम जमा करवाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।