पालमपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड सेवानिवृत्त तकनीकी कर्मचारी एवं अधिकारी एसोसिएशन जिला कांगड़ा का आम अधिवेशन राजपुर (पालमपुर) में हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने की। अधिवेशन के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विद्युत बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली और वित्तीय कुप्रबंधन पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि बोर्ड के कुप्रबंधन के कारण संस्थान की आर्थिक स्थिति साल-दर-साल लगातार बिगड़ती जा रही है। इसका सीधा असर पेंशनभोगियों पर पड़ रहा है और उनके जायज देय भुगतानों में सालों की देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अपनी ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण) के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
इसके अतिरिक्त पहली जनवरी 2016 से अप्रैल 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का बकाया एरियर तथा संशोधित दरों के अनुसार ग्रेच्युटी व लीव एनकैशमेंट का भुगतान अभी तक नहीं मिल पाया है। एसोसिएशन ने बोर्ड प्रबंधन से पेंशनभोगियों की तमाम देनदारियों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर जारी करने की मांग की है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते देय भुगतानों का निपटारा नहीं किया गया तो प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद इस वित्तीय नाकामी के मुद्दे को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों ने पारदर्शिता के लिए हर माह पेंशन स्लिप की तर्ज पर बकाए का लेखा-जोखा भी मोबाइल पर उपलब्ध कराने की मांग की।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मण कापटा, मुख्य सलाहकार कुलदीप शर्मा, सालीग्राम ठाकुर, मुख्य संगठन सचिव ज्ञानचंद ठाकुर, उपाध्यक्ष राम प्रकाश परिहार, महासचिव मोहिंद्र राणा, मदन ठाकुर, रमेश शर्मा, विजय अवस्थी, विनय शर्मा, मदन लाल और राकेश सरोत्री सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।