स्वास्थ्य खंड तियारा के तहत निक्षय दिवस के दौरान स्वास्थ्य कर्मी और ग्रामीण। -स्रोत : विभाग
धर्मशाला। टीबी मुक्त भारत अभियान को जनांदोलन का रूप देने के लिए अब जिले के हर शिक्षण संस्थान के रेड रिबन क्लब एक-एक गांव को गोद लेंगे। इन गांवों में जाकर क्लब सदस्य ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक करेंगे और जोखिमग्रस्त आबादी को छाती का एक्सरे करवाने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही टीबी को लेकर फैली भ्रांतियों को भी दूर किया जाएगा।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी रेड रिबन क्लबों के साथ ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया। इसमें 55 शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सभी को सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए। सीएमओ डॉ. राजेश गुलेरी ने कहा कि टीबी से लड़ने में जन भागीदारी सबसे बड़ी ताकत है।
समय पर जांच और इलाज से इस रोग को पूरी तरह हराया जा सकता है। अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिनमें टीबी के लक्षण न भी हों, वे भी अपनी छाती का एक्सरे अवश्य करवाएं और आवश्यकता पड़ने पर टीबी निरोधक दवाएं लें।
300 संस्थानों में मनाया निक्षय दिवस
जिला कांगड़ा में शनिवार को निक्षय दिवस मनाया गया। इस दौरान जिले के 300 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी जागरूकता कार्यक्रम हुए। इनमें 200 से अधिक हेल्थ वेलनेस सेंटर और 100 से अधिक अन्य स्वास्थ्य केंद्र शामिल रहे। इस दौरान टीबी चैंपियन्स ने लोगों को रोग के लक्षण, इलाज और बचाव के प्रति जागरूक किया। लोगों को निक्षय शपथ भी दिलाई गई। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि प्रवासी मजदूरों और झुग्गी-झोंपियों में रहने वाले लोगों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।