राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर के गोद लिए विधानसभा क्षेत्र देहरा के गांव मसरूर में आम लोग सुविधाओं के लिए तरस गए हैं। राज्यसभा सांसद ने जब से गांव को गोद लिया है, यहां पर सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों का दिखना दुर्लभ हो गया है।
स्थानीय लोगों की मानें तो इस गांव में स्थित स्कूल में प्रिंसिपल और पीएचसी में डॉक्टर तक नहीं हैं। वहीं पटवारी का भी तबादला हो चुका है लेकिन अभी तक उन्होंने अपना कार्यभार नहीं छोड़ा है। यहां तक कि इस गांव की पंचायत के पास अपना पंचायत सहायक भी नहीं है। इससे साफ पता चलता है कि कितना आदर्श है यह गांव।
लोगों ने बताया कि पहले सब ठीक चल रहा था लेकिन जैसे ही इस गांव को गोद लिया तब से इस गांव में अधिकारियों ने या तो तबादले करवा लिए या फिर उनके तबादले कर दिए गए।
स्थानीय लोगों में सुभाष, दिलवर सिंह, त्रिलोक चंद, धनपत सिंह, गगन सिंह, जमाल सिंह, प्रकाश चंद, मास्टर सरनदास, कुलदीप राज, सुरेंद्र सिंह, मलकीत सिंह, ज्ञान सिंह और वाल सिंह आदि ने बताया कि गांव की स्थिति को कई बार स्थानीय विधायक सहित विभागों के आला अधिकारियों को बता चुके हैं लेकिन समस्या का हल नहीं हो पाया है।
छोटी से छोटी बीमारी के उपचार के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। उधर, राज्य सभा सांसद विप्लव ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती के लिए स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर से कहा गया है लेकिन पटवारी, पंचायत सहायक के खाली पद और स्कूल प्रिंसिपल के तबादले के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इसकी शीघ्र ही जानकारी ली जाएगी। रिक्त पदों पर स्टाफ की शीघ्र तैनाती की जाएगी।