फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: यूजीसी के नए नियमों के विरुद्ध राजपूत सभाओं का हल्लाबोल

Sat, 31 Jan 2026 08:24 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
विज्ञापन
बैजनाथ में बैठक के दौरान राजपूत सभा के पदाधिकारी और सदस्य। -स्रोत : जागरूक पाठक
विज्ञापन
धर्मशाला/फतेहपुर/शाहपुर (कांगड़ा)। यूजीसी के विवादित रेगुलेशन के विरोध में जिला कांगड़ा की राजपूत सभाएं केंद्र सरकार के खिलाफ लामबंद हो गई हैं। शुक्रवार को जिले के विभिन्न उपमंडलों में बैठकों का दौर चला। इसमें इसे काला कानून करार देते हुए छात्र, युवा और ग्रामीण समाज के हितों के खिलाफ बताया गया।
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण सभा के जिलाध्यक्ष केएस चंबियाल ने कहा कि दो फरवरी को धर्मशाला के शहीद स्मारक से कचहरी तक रैली निकाली जाएगी। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजा जाएगा। उधर, फतेहपुर में सभा के प्रधान नरेंद्र मनकोटिया की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें निर्णय लिया गया कि 2 फरवरी को ही फतेहपुर में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में मौजूद हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण बोर्ड के सदस्य पितांबर सिंह, वाइस चेयरमैन जगदेव सिंह पठानिया, पूर्व प्रधान रघुबीर सिंह पठानिया, उपप्रधान सुरजीत जसरोटिया और राय सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कानून वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
विज्ञापन

वहीं, राजपूत कल्याण सभा उपमंडल शाहपुर की बैठक प्रधान बलविंद्र पठानिया की अध्यक्षता में हुई। महासचिव करनैल सिंह ने बताया कि सभा ने कानून के खिलाफ एकमत से प्रस्ताव पारित कर इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि इस वर्ग ने हमेशा समानता के लिए कुर्बानियां दी हैं, लेकिन इस तरह के कानून से समाज में वर्गीकरण का खतरा है।

केंद्र सरकार ने बनाया काला कानून
बैजनाथ (कांगड़ा)। यूजीसी के विरोध में राजपूत सभा बैजनाथ की बैठक का आयोजन अध्यक्ष अनिल कटोच की अध्यक्षता में किया गया। सभा के महासचिव राजेश राणा ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो यह काला कानून बनाया है, इसमें सवर्ण जाती के बच्चों का आत्मबल और भविष्य को खत्म कर देने बाला कानून है। सभा ने बताया कि यूजीसी के विरोध में दो फरवरी को शहीद स्मारक धर्मशाला में 11 बजे प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें बैजनाथ से सुबह नौ बजे प्रस्थान किया जाएगा। सभा के मुख्य वक्ता पंजाब सिंह राणा, बमधीर सिंह, हरबीर कटोच, वीरेंद्र कटोच आदि ने भी इस दौरान अपने विचार रखे। संवाद

सुप्रीम कोर्ट की रोक का पालमपुर में स्वागत
पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर में प्रदेश राजपूत महासभा के अध्यक्ष केएस जम्वाल, प्रो. अशोक सरयाल, विजय चंदेल और मेजर जनरल डीवीएस राणा ने विवादित रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट की रोक ने छात्र एकता और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को सुरक्षित किया है। पदाधिकारियों ने इस गंभीर मुद्दे पर प्रदेश की दोनों मुख्य राजनीतिक पार्टियों की चुप्पी पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि इससे सामान्य वर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें