कांगडा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र छेब में एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत सोमवार को सात दिवसीय अंतर-राज्यीय युवा आदान-प्रदान शिविर का आगाज हुआ। छह फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न जिलों के 35 युवा प्रतिभागी और दो अनुरक्षक हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, रीति-रिवाजों और खान-पान से रूबरू होंगे।
शिविर के दौरान राजस्थानी युवाओं को जिला कांगड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का शैक्षणिक और अनुभवात्मक अध्ययन करवाया जाएगा। इसके साथ ही क्लासरूम ट्रेनिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेषज्ञों द्वारा साइबर सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, स्वरोजगार के अवसर, उद्यमी बनने और कौशल विकास की जानकारी दी जएगी।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला जनसंपर्क अधिकारी विनय शर्मा, पीएनबी आरएसईटीआई के निदेशक मदन लाल और प्रधानाचार्य राजीव कुमार गर्ग ने किया। विनय शर्मा ने मध्ययुग से ही कांगड़ा और राजस्थान के बीच रहे सौहार्दपूर्ण ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला। मदन लाल ने युवाओं से नौकरी चाहने वालों के बजाय उद्यमी बनने का आह्वान किया। राजीव कुमार गर्ग ने पौराणिक कथाओं और समाज की समस्याओं के समाधान में युवाओं के समग्र दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण बताया।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
माय भारत के उप निदेशक ध्रुव डोगरा ने बताया कि भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा यह आयोजन विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति और युवाओं में एकता की भावना जगाने के लिए किया जा रहा है। कार्यक्रम के अगले चरण में हिमाचल के 37 युवा 9 फरवरी तक राजस्थान के प्रवास पर रहेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा महोत्सव में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करने वाली वैष्णवी डोगरा और नितिन शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।