धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून सीजन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को भारी चपत लगी है। प्रदेशभर में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कों, पुलों और निर्माण कार्यों को भारी नुकसान पहुंचा है। पांच सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार विभाग को पूरे प्रदेश में करीब 951.23 करोड़ रुपये के नुकसान हुआ है।
इसमें सर्वाधिक 407.08 करोड़ (40,707.99 लाख) रुपये का नुकसान अकेले कांगड़ा जोन (कांगड़ा व चंबा जिला) में हुआ है। पीडब्ल्यूडी के कांगड़ा-चंबा सर्किल के मुख्य अभियंता विकास सूद ने बताया कि बरसात के दौरान जगह-जगह भूस्खलन और मलबा गिरने से मुख्य और संपर्क मार्ग अवरुद्ध हुए। कई मार्गों पर सड़कें धंसने और बह जाने से यातायात बुरी तरह बाधित हुआ।
मुख्य अभियंता के अनुसार मौसम साफ होते ही विभाग ने क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और बहाली का कार्य तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में भारी मशीनरी और कर्मचारी तैनात कर बंद सड़कों को युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द सुचारू यातायात सुविधा मिल सके।
इस जोन में इतना हुआ नुकसान
आंकड़ों के अनुसार बरसात के दौरान पीडब्ल्यूडी के विभिन्न जोनों में करोड़ों रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। इसमें सबसे अधिक क्षति कांगड़ा जोन में हुई है, जहां विभाग को करीब 407.08 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा शिमला जोन में लगभग 212.79 करोड़, मंडी जोन में 183.29 करोड़ और हमीरपुर जोन में 132.84 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। वहीं, एनएचएआई को कुल 15.23 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। इसमें शिमला सर्किल के तहत करीब 12.90 करोड़ और शाहपुर सर्किल में 2.34 करोड़ रुपये की क्षति शामिल है।