धर्मशाला। विशेष न्यायाधीश धर्मशाला जसवंत सिंह की अदालत ने चिट्टा तस्करी के मामले में पंजाब निवासी गुलशन कुमार को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा न करने की सूरत में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसी मामले में साक्ष्यों के अभाव में एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार आठ जुलाई 2022 को नूरपुर पुलिस की टीम खुशीनगर (बड़नी) में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास गश्त पर थी। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चार युवकों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने भागने की कोशिश की।
इसी बीच गुलशन कुमार निवासी पोस्ट ऑफिस वाली गली, तहसील कृष्णा नगर, जिला गुरदासपुर (पंजाब) ने अपनी जींस की जेब से एक पारदर्शी पुड़िया निकालकर झाड़ियों में फेंक दी। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पुड़िया को कब्जे में लेकर ड्रग डिटेक्शन किट से जांच की, तो उसमें 14.16 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) पाई गई। पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायावादी संजीव राणा ने पैरवी की और कुल 13 गवाह पेश किए। अदालत ने पेश साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दलीलों के आधार पर गुलशन कुमार को धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।