नगरोटा सूरियां/बरियाल (कांगड़ा)। पठानकोट से जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर नूरपुर के पास चक्की खड्ड रेल पुल का निर्माण पूरा हो जाने के बावजूद रेलगाड़ियां बहाल नहीं हो सकी हैं। इस कारण कांगड़ा के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। आधे नवरात्र बीत जाने के बाद भी रेलगाड़ियों की बहाली नहीं होने से ग्रामीण दशहरे के बाद रेलवे बोर्ड के खिलाफ धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
अगस्त 2022 में भारी बारिश से पुल ध्वस्त होने के बाद नूरपुर रोड से बैजनाथ तक दो रेलगाड़ियां ही चल रही थीं। मगर जुलाई से वह भी बंद हैं। क्षेत्र के अश्वनी गुलेरिया, राजेश नंदपुरी, सुदेश धीमान और रमेल गुलेरिया ने कहा कि रेलगाड़ियों के बहाल होने से कोपड़लाहड़ से जवाली तक के करीब छह दर्जन दुर्गम गांवों को सस्ता और सुगम परिवहन मिलेगा। फिलहाल ग्रामीणों को 10 रुपये के सफर के लिए छह गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है।
उधर, लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पीसी विश्वकर्मा ने चेताया है कि यदि दशहरे से पहले रेलगाड़ियां बहाल नहीं हुईं तो दो अक्टूबर के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्रालय को पत्र भेजा गया है।
वहीं, मंडल रेलवे जम्मू के वाणिज्यिक निरीक्षक जसवीर सिंह ने बताया कि चक्की खड्ड पुल का निर्माण पूरा हो चुका है और बरसात थमने के बाद रेलगाड़ी चलाकर पुल का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद सभी रेलगाड़ियां पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक बहाल कर दी जाएंगी।