नशा तस्करी में संलिप्त जवाली के आरोपी गौरव का फ्रीज किया मकान। स्रोत : पुलिस
धर्मशाला। पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुलिस ने जवाली के एक चरस तस्कर के साथ-साथ उसके परिजनों पर भी कानूनी शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी, उसके पिता और जीजा की करीब 95.67 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया है।
नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी की अंतिम मुहर लगते ही पुलिस ने इस सपत्ति पर कानूनी ताला जड़ दिया है, जिसे अब आरोपी या उसका परिवार बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकेगा। यह कार्रवाई तीन अक्तूबर 2025 को पकड़े गए तस्करी के खिलाफ हुई है। जानकारी के अनुसार विशेष पुलिस टीम ने तीन अक्तूबर 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर चलवाड़ा (जवाली) निवासी गौरव कुमार को 1.006 किलो चरस के साथ दबोचा था।
आरोपी के खिलाफ थाना नगरोटा बगवां में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की वित्तीय बैकग्राउंड की वित्तीय जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी गौरव कुमार ने नशा तस्करी के काले धंधे से मोटी रकम कमाई थी। इस काली कमाई को कानून की नजरों से छिपाने के लिए उसने अपने पिता विजय कुमार और अपने जीजा धुन्धी के नाम का इस्तेमाल किया था।
जांच में सामने आया कि इन तीनों के नाम पर कथित तौर पर नशा तस्करी के पैसों से अर्जित करीब 95,67,741 रुपये की विशाल संपत्तियां मौजूद हैं। इसके बाद थाना प्रभारी नगरोटा बगवां ने 22 अप्रैल 2026 को इन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए थे, जिसकी पुष्टि 22 मई 2026 को सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली ने कर दी।
पुलिस द्वारा फ्रीज की गई इस संपत्ति में तस्कर और उसके परिजनों के दो आवासीय मकान, दो भूमि के टुकड़े, एक महिंद्रा कमर्शियल वाहन और एक लग्जरी कार शामिल है। एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने कहा कि पुलिस नशा माफिया की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए लगातार एक्शन मोड में काम कर रही है। इससे पहले बैजनाथ की कथित महिला तस्कर सोनिया राणा की भी 96.77 लाख रुपये की संपत्ति इसी तरह फ्रीज की जा चुकी है।
नशा तस्करी में संलिप्त जवाली के आरोपी गौरव का फ्रीज किया मकान। स्रोत : पुलिस