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Kangra News: पढ़-लिख और जोड़-गुणा-भाग कर दिया साक्षर होने का प्रमाण

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जिला के वि​भिन्न् स्कूलों में निरक्षर व्य​क्ति विशेष परीक्षा देते हुए।
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धर्मशाला। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को जिले के करीब 3,109 लोगों ने पढ़-लिख और जोड़-गुणा-भाग कर अपने साक्षर होने का प्रमाण दिया। इसके अलावा बुजुर्गों ने चित्र देखकर जहां उनके नाम बताए, वहीं एक पैराग्राफ को पढ़कर, उसमें लिखे शब्दों को गिनकर भी बताया। जानकारी के अनुसार रविवार को जिला कांगड़ा के 300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर असाक्षरों को साक्षर बनाने की मुहिम के तहत परीक्षा का आयोजन किया गया।
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इससे पहले प्रदेश भर में असाक्षरों को चिह्नित करके उन्हें पढ़ाने के लिए वलंटियर टीचर नियुक्त किए गए थे। रविवार को हुई इस परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को तीन विभिन्न भागों में बांटा गया था। हर भाग में 50-50 अंक के आठ-आठ प्रश्न थे। इनमें पहले भाग में पढ़ना, दूसरे में लिखना और तीसरे में गणित के बारे में प्रश्नों को पूछा गया था। पहले भाग में शब्दों को पढ़ना और चित्रों को पहचान कर उनका मिलान करना था। दूसरे भाग में शब्दों को देख कर वाक्य बनाने के साथ-साथ चित्रों को पहचान कर उनका नाम लिखने सहित आदि प्रश्न थे। इसके अलावा तीसरे भाग में वस्तुओं की गिनती करना, क्रम को पूरा करने के अलावा जोड़, जमा, भाग और गुणा आदि करने संंबंधी प्रश्न पूछे गए थे।
डिपार्टमेंट आफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार से आई सुनीता सिंह ने बताया कि देश भर में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत डेढ़ करोड़ लोग जुड़े हैं। हालांकि यह परीक्षा मार्च या सितंबर में करवाई जाती है, लेकिन प्रदेश सरकार अपने स्तर भी इसका संचालन कर सकती है। शिक्षा मंत्रालय का स्किल डिवेलपमेंट विभाग से टाईअप भी हुआ है, जिसके तहत यदि कोई युवा, इस परीक्षा के तहत साक्षर होकर कोई स्किल सीखना चाहता है, तो उसे यह अवसर भी मिलेगा।
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उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के स्टेट नोडल ऑफिसर वीरेंद्र चौहान का कहना है कि असाक्षरों को पढ़ाकर साक्षर बनाने की अहम कड़ी वलंटियर टीचर (वीटी) हैं, जिन्हें अभी कुछ भी नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि असाक्षरों को पढ़ाने वाले को क्रेडिट देने की बात उठ रही है। साथ ही इन्हें प्रशंसा और अनुभव प्रमाण पत्र देने की बात भी चल रही है। समग्र शिक्षा जिला कांगड़ा की परियोजना अधिकारी नीना पुन ने बताया कि जिला कांगड़ा में 3,109 लोगों ने इस परीक्षा को देने को तैयार हुए थे। वहीं इस दौरान परीक्षा को सफल बनाने में जिला कांगड़ा नोड़ल अधिकारी प्रवीण कुमार ने भी अपनी भूमिका निभाई।
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