जयसिंहपुर में बिजली बोर्ड लंबागांव यूनियन के प्रधान रतन चंद व अन्य
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जयसिंहपुर (कांगड़ा)। राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन लंबागांव का अधिवेशन जयसिंहपुर में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा की अध्यक्षता में हुआ। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए खरवाड़ा ने कहा कि देश में किसान संगठनों की ओर से तीनों कृषि कानून को निरस्त करने के लिए किए जा रहे आंदोलन का यूनियन समर्थन करती है। इसके साथ ही बिजली संशोधन अधिनियम 2020 का भी पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीड हैं और बिना इस रीढ़ के कोई भी देश खड़ा नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि अभी यह बिल संसद में पारित नहीं हुआ है। इससे पहले ही केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ सहित अन्य केंद्र शासित प्रदेशों और भाजपा शासित राज्यों में लागू करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 20 सितंबर 2020 को जारी किए गए स्टैंडर्ड विडिंग डाक्यूमेंट के माध्यम से बिजली वितरण क्षेत्र की निजी करण करने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा हो गया तो बिजली जैसी आवश्यक उपयोग की वस्तुएं भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएंगी। केंद्र सरकार जनता के खून पसीने और हजारों बिजली कर्मचारियों की शहादत से खड़े किए गए बिजली के नेटवर्क को बड़े पूंजीपतियों को नीलाम करने के निर्णय से पीछे नहीं हटती है तो देश के समस्त कर्मचारियों और इंजीनियरों को देश के किसान आंदोलन से सीख लेते हुए संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा केंद्र सरकार कोरोना महामारी जैसी आपदा को अवसर में बदलकर देश के सार्वजनिक संस्थानों को नीलाम कर के उद्योगपतियों का हित साधने में लगी है। इस मौके पर यूनियन के मुख्य संगठक सचिव मनोज सूद, पूर्व मुख्य सलाहकार सतीश शर्मा, सलाहकार कमेटी के सदस्य अशोक कुमार, नादौन यूनिट के प्रधान नीतीश कुमार और पालमपुर यूनिट के प्रधान कुलदीप चंद भी मौजूद रहे। वहीं अधिवेशन लंबागांव विद्युत मंडल यूनिट चुनाव प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा की देखरेख में हुआ, जिसमें रतन चंद को प्रधान बनाया गया। ओंकार चंद, कुलकर्ण सिंह, पंकज कुमार को उपप्रधान, राजीव कुमार को सचिव, विपिन चौधरी, मुनीश कुमार, सतीश कुमार, संजय शर्मा, राजेंद्र गुलेरिया, अजय राणा और विनोद कुमार को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।