धर्मशाला। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से मजबूती के साथ निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना की मजबूती के साथ साथ आवश्यक स्वास्थ्य उपकरण जुटाने के लिए विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड के उपचार के लिए 1400 के करीब बेड की व्यवस्था की जाएगी। तीसरी लहर से बच्चों के बचाव के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
सोमवार को धर्मशाला में कोविड से बचाव के प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि अधिकारियों को जिले में ऑक्सीजन युक्त बिस्तर व आईसीयू सुविधा को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं के लिए प्लान तैयार करने के लिए भी कहा गया है। जिले के धर्मशाला, पालमपुर, नूरपुर और टांडा अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पीसीए प्लांट्स के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। जोनल अस्पताल धर्मशाला में ऑक्सीजन की उपलब्धता को 300 एलएमपी से बढ़ाकर आठ सौ एलएमपी किया जाएगा। साथ ही देहरा के लिए मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किया गया है। सामुदायिक अस्पताल पालमपुर में पाइपलाइन स्थापित कर दी गई है, नूरपुर के लिए भी ऑक्सीजन प्लांट की स्वीकृति मिली है।
देहरा और इंदौरा क्षेत्र में भी कोविड प्रबंधन के लिए नई व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. भानु अवस्थी, एडीसी राहुल कुमार, एडीएम रोहित राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।