रैत (कांगड़ा)। विकास खंड रैत के कुठंमा, जुगेहड़, भेड़ी, बैदी, रछियालू, भड़ोत, बनोई, बंडी, नागणपट्ट और राजोल सहित कई गांवों में शुक्रवार रात करीब 11 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। रात 9 बजे गुल हुई बत्ती शनिवार सुबह 8 बजे बहाल हो पाई। इससे उमस भरी गर्मी और बरसात के मौसम में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय बिजली गुल होने पर जब हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और लाइनमैन से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने फोन नहीं उठाया। इससे उपभोक्ताओं में गहरा रोष फैल गया।
कुठंमा के पूर्व प्रधान कैलाश राणा, राजेंद्र राणा, एडवोकेट सुधीर राणा, वार्ड पंच निशा राणा, किरण राणा, बबीता राणा तथा शंकर महिला मंडल की प्रधान मनोरमा, उषा और सुरक्षा ने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में जहरीले जीवों का डर बना रहता है। ऐसे में बोर्ड प्रबंधन को सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
रात को लाइन में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसे सुबह टीम भेजकर दुरुस्त करवा दिया गया। उपभोक्ताओं को भविष्य में इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। -अमन कुमार, अधीक्षण अभियंता, एचपीएसईबीएल सर्किल कांगड़ा