पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि चुनाव का अंतिम दौर जोर-शोर से 1 जून की तरफ बढ़ रहा है। वर्तमान सरकार के विरुद्ध सबसे बड़ी बात गरीबी और बेरोजगारी कही जा रही है। मैं यह मानता हूं कि आज भी कुछ स्थानों पर गरीबी और बेरोजगारी है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी वर्तमान सरकार पर नहीं है। उसका कारण केवल बढ़ती आबादी का विस्फोट है।
उन्हें दुख है कि भारत की आज की इस सबसे बड़ी समस्या पर इस चुनाव में राजनीतिक दलों ने कोई चर्चा नहीं की। 1947 में 35 करोड़ जनसंख्या आज 77 साल के बाद 144 करोड़ हो गई है। 77 साल में करीब 100 करोड़ आबादी का बढ़ना विचारणीय और गंभीर है। टिड्डी दल की तरह बढ़ती ऐसी जनसंख्या की गरीबी और बेरोजगारी कोई भी सरकार समाप्त नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि विश्व के 190 देशों में हर साल करीब आठ करोड़ आबादी बढ़ती है। उसमें केवल भारत में एक करोड़ 25 लाख और बाकी की छह करोड़ 189 अन्य देशों में बढ़ती है। विश्व के बहुत से देशों में बढ़ती आबादी को रोक लिया है। शांता ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी पहला काम यह करेंगे कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाएंगे और देश थोड़ी बहुत बची हुई गरीबी और बेरोजगारी से मुक्त हो जाएगा।