संसारपुर टैरेस (कांगड़ा)। जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र की पंचायत रिड़ी-कुठेड़ा में इन दिनों स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पंचायतों की ओर से लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए कूड़ेदानों का इस्तेमाल न कर लोग खुले में कूड़ा-कचरा फेंक रहे हैं। इससे क्षेत्र की सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों सतीश कुमार, मनोज कुमार, जतिंदर कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि रोजाना यहां से स्कूली विद्यार्थी, बुजुर्ग और राहगीर गुजरते हैं, लेकिन चारों ओर फैले कचरे से दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना रहता है। बरसात के मौसम में यही कूड़ा नालियों में बहकर जल स्रोतों को भी दूषित कर रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। न तो कूड़ा उठाने की कोई नियमित व्यवस्था की गई है और न ही कचरा फैलाने वालों पर कोई कार्रवाई हो रही है। पंचायत स्तर पर भी जागरूकता अभियान न के बराबर हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
क्या कहते हैं लोग
पंचायत रिड़ी-कुठेड़ा में सड़कों के किनारे फैला कूड़ा-कचरा अब आम बात हो गई है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो कूड़ा उठाया जा रहा है और न ही कचरा फेंकने वालों पर कोई कार्रवाई हो रही है।
-विजय कुमार, स्थानीय निवासी
सड़कों के किनारे कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक के लिफाफे बिखरने से वातावरण खराब हो गया है। बरसात के दिनों में यही कचरा नालियों में फंस जाता है। इससे गंदगी बढ़ने के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
-जतिंदर कुमार, स्थानीय निवासी
सड़कों के किनारे पड़े कूड़े और प्लास्टिक से बदबू फैल रही है। इससे महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। खुले में फेंके गए सेनेटरी पैड न केवल गंदगी फैलाते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं।
-कैलाश कुमारी, स्थानीय निवासी
पंचायत में कूड़ेदान लगाए गए हैं, लेकिन लोग उनमें कूड़ा न डाल कर सड़क किनारे ही फेंक देते हैं। इससे सड़क के किनारे गंदगी बढ़ रही है और गांव की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
-मोहन लाल, स्थानीय निवासी
जल्द कूड़े को साफ करवाया जाएगा और खुले में कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। स्थानीय लोगों से अपील की है कि पंचायत में लगे कूड़ेदान का इस्तेमाल करें।
-अशोक कुमार, खंड विकास अधिकारी, परागपुर