धर्मशाला। जिला कांगड़ा में गणेश उत्सव के समापन पर आयोजित होने वाले मूर्ति विसर्जन जुलूस के लिए अब स्थानीय प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि विसर्जन जुलूस भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होकर गुजरना है, तो आयोजकों को एक से दो दिन पहले एसडीएम से विधिवत मंजूरी लेनी होगी।
विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, हुड़दंग पर रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मूर्ति विसर्जन निर्धारित नियमों के तहत ही किया जा सकेगा। पूरे विसर्जन मार्ग पर प्रशासनिक निगरानी रखी जाएगी, ताकि तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने, हुड़दंग मचाने या यातायात बाधित करने जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
आयोजकों को प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन संपन्न करवाने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम धर्मशाला मोहित रतन ने बताया कि विसर्जन के दौरान प्रदूषण मुक्त व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत केवल उन्हीं प्रतिमाओं के विसर्जन की स्वीकृति मिलेगी, जिनसे जल स्रोतों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक गरिमा बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक व्यवस्था में सहयोग देने की अपील की है।