धर्मशाला। हिमाचल किसान सभा कांगड़ा इकाई ने वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत वन निवासियों और अन्य लोगों के भूमि संबंधी निपटान की प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी बेदखली रोकने की मांग उठाई है। मंगलवार को किसान सभा ने जिला उपायुक्त हेमराज बैरवा के माध्यम से इस मांग को लेकर प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की कि सरकार उच्च न्यायालय में वन अधिकार अधिनियम के तहत वन निवासियों और अन्य के भूमि निपटान की प्रक्रिया पूरी होने तक बेदखली रोकने हेतु एक शपथ पत्र दाखिल करे। सभा के राज्य उपाध्यक्ष शकुनि कपूर ने कहा कि भूमिहीन एवं गरीब किसानों को कम से कम पांच बीघा कृषि भूमि प्रदान कर नियमित किया जाए।
किसानों के सभी दावों को स्वीकार करने के निर्देश जारी किए जाएं और इस पर सरकार मासिक निगरानी रखे। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को ग्रामीण क्षेत्रों में दो बिस्वा तथा शहरी क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि दी जाए और भूमि आवंटन तक आवास से बेदखली न की जाए। ज्ञापन में 2023 की प्राकृतिक आपदा में घर नष्ट होने वालों को 7 लाख रुपये सहायता देने, सड़क किनारे अस्थायी स्टाल लगाने वालों की बेदखली रोकने तथा इस संबंध में बजट में नीति बनाने की भी मांग की गई है।
साथ ही भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार किसानों को चार गुना मुआवजा दिए जाने का अनुरोध किया गया है। इस दौरान किसान सभा के जिलाध्यक्ष जगदीश जग्गी, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह, धर्मशाला, ब्लॉक कमेटी सचिव धनवीर सिंह, ओम प्रकाश, बलवंत सिंह और सुभाष कुमार उपस्थित रहे।