धर्मशाला। जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में मेडिसिन ओपीडी में एक मात्र विशेषज्ञ डॉ. कविता को बीएमओ शाहपुर बनाने से लोगों में सरकार के प्रति भारी रोष है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में अब एक भी एमडी मेडिसिन न होने से मरीजों को अन्य अस्पतालों में भटकना पड़ेगा। शहरवासियों का कहना है कि रोजाना मेडिसिन ओपीडी में 200 के करीब मरीज अपनी जांच और इलाज के लिए आते हैं, ऐसे में अब उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने सरकार के मांग की है कि जल्द डॉ. कविता ठाकुर को दोबारा धर्मशाला अस्पताल वापस लाया जाए, ताकि मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। अगर सरकार को बीएमओ का पद भरना ही है को किसी अन्य अधिकारी को बनाया जाए, लेकिन एकमात्र विशेषज्ञ को यहां से नहीं हटाया जाए। - क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला जिला कांगड़ा और चंबा के मरीजों का इलाज होता है। इतने बड़े अस्पताल में विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सरकार या तो डॉ. कविता को धर्मशाला अस्पताल में वापस लाए या किसी अन्य एमडी मेडिसिन की यहां नियुक्ति की जाए।
- एससी धीमान, अध्यक्ष, जन चेतना संस्था धर्मशाला
- धर्मशाला अस्पताल में एक मात्र एमडी मेडिसिन डॉ. कविता को बीएमओ बनाने से यहां ओपीडी बंद हो जाएगी। इसलिए उनको दोबारा धर्मशाला अस्पताल में वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। धर्मशाला अस्पताल में बाकि अन्य पदों को भरने के लिए भी सीएम से बात करेंगे।
- देवेंद्र जग्गी, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी, धर्मशाला विस
- करीब 15 साल से धर्मशाला अस्पताल में बीपी और थायराइड का उपचार करवा रही हूं, लेकिन इतने सालों में पहली डॉक्टर देखी जो हर किसी को समय देती हैं और मरीजों का उपचार करती हैं। अब डॉ. कविता को शाहपुर भेज दिया गया है, जो गलत है। सरकार जल्द उन्हें धर्मशाला वापस लाए।
- रुकमणी देवी, सकोह निवासी
- धर्मशाला अस्पताल में माता भर्ती हैं और उनके टैक्स की रिपोर्ट चैक करवाने गए तो पता चला कि डॉ. कविता का यहां से तबादला शाहपुर कर दिया गया है। जब भी धर्मशाला अस्पताल में कोई अच्छा डॉक्टर आता है तो वह राजनीति का शिकार हो जाता है। सरकार जल्द एमडी मेडिसिन का पद भरे।
- निर्मल कुमार, मैक्लोडगंज निवासी