धर्मशाला। अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के मकसद से परिवहन विभाग 18 सीटर मिनी बसें चलाएगा। इस कड़ी में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कांगड़ा ने जिला के सभी उपमंडल नागरिक अधिकारियों (एसडीएम) को चिट्ठी भेजकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में ऐसे रूटों को चिह्नित कर सूची भेजने के निर्देश दिए हैं, जिन क्षेत्रों में या तो परिवहन बिलकुल सुविधा नहीं है या बहुत कम है। 18 सीटर बस सुविधा शुरू करने से बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा।
खास बात यह है कि यह 18 सीटर मिनी बस सुविधा उन क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जहां पर सड़कें तंग हैं, तीखे मोड़ हैं और बड़े वाहन की आवाजाही में मुश्किलें पेश आती हैं। दरअसल तंग रूटों पर एचआरटीसी अपनी बस सेवाएं शुरू करने से आनाकानी करता है, लेकिन अब आगामी समय में आरटीओ की ओर से जारी होने वाले मिनी बसों के परमिट से लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। बीडीओ से यह जानकारी एसडीएम को भेजी जाएगी और एसडीएम से ऐसे रूटों की सूची आरटीओ कार्यालय को प्रेषित की जाएगी। जिला स्तर पर विभिन्न रूटों का डाटा कंपाइल होने के बाद यह सूची राज्य परिवहन विभाग के निदेशक को भेजी जाएगी। परिवहन निदेशालय से रूटों की सूची प्रकाशित होने के बाद जिला स्तर पर क्षेत्रीय परिवहन अथॉरिटी (आरटीए) की बैठक होगी। इस बैठक में निजी बसों के ऑपरेटर और हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के आरएम इत्यादि की उपस्थिति में बस रूट और समयसारिणी को लेकर आम सहमति बनाई जाएगी, जिसके बाद टाइम टेबल सहित रूट परमिट के साथ जारी होंगे।
कोट्स-
जिले में 18 सीटर मिनी बसें चलाने की योजना है। इस बारे में तमाम एसडीएम से उनके क्षेत्र के रूटों से संबंधित जानकारी मांगी गई है। परिवहन निदेशालय से रूट प्रकाशित होने के बाद रूट परमिट और टाइमटेबल आदि जारी होंगे।
-प्रदीप कुमार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, कांगड़ा स्थित धर्मशाला