धर्मशाला। जिला कांगड़ा पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के पेंशनरों ने सितंबर की नौ तारीख होने तक पेंशन न दिए जाने के विरोध में सरकार के खिलाफ रोष रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रैली का नेतृत्व प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला कांगड़ा के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने किया। इस दौरान पेंशनरों ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि 10 सितंबर को यदि पेंशन जारी न हुई और हर माह पहली तारीख को पेंशन दिए जाने की घोषणा न की गई तो वे सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। इस दौरान पेंशनरों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मांग पत्र भी भेजा।
रैली से पहले जोधामल सराय में जिला कांगड़ा के पेंशनरों की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें मौजूदा स्थिति और पेंशनर्स की मांगों को लेकर मंथन किया गया। बैठक में जिला के 15 खंडों और शहरी इकाइयों के प्रधानों, महासचिवों और पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक को धर्मशाला शहरी इकाई के प्रधान प्रदीप वालिया, धर्मशाला ब्लाॅक इकाई के प्रधान जीएस डढवाल, रविंद्र राणा अतिरिक्त महासचिव एवं जिला कांगड़ा के महासचिव सेठ राम ने भी संबोधित किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि बैठक में पेंशनरों को अभी तक अगस्त महीने की पेंशन अदा नहीं किए जाने को लेकर रोष जाहिर किया गया। वहीं, पेंशनरों की बाकी लंबित पड़ी मांगों को भी 15 सितंबर से पहले मानने को लेकर सरकार से अपील की। यदि सरकार सरकार ऐसा नहीं करती है तो पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश स्तर पर सभी जिला मुख्यालयों में पेंशनर धरना प्रदर्शन करेंगे और उसके बाद आंदोलन चलाने के बारे में रूपरेखा तय करेंगे। इस दौरान सचिवालय कर्मचारी एसोसिएशन का मांगों के लिए चलाएं आंदोलन समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की है उनकी मांगों को मानने के लिए संगठन को बुलाकर उनसे बात की जाए और अगर सरकार कर्मचारी नेताओं पर कोई भी कार्यवाही करती है तो सरकार को इसका खमियाजा भुगतना पड़ सकता है और आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल सकता है। वहीं उन्होंने पेंशनरों को 20 सितंबर को आंदोलन के लिए तैयार रहने के लिए कहा। इस दौरान पवन धीमान, चंडी दत्त शर्मा, जगदीश सियोत्रा, सुरेश पठानिया, दलजीत कुमार, संत राम कालोत्रा, अवतार जम्वाल, जोगिंदर सिंह, रामस्वरूप शर्मा, जसवंत धीमान, सुभाषणा भारती, राधा सूद, इंदिरा जग्गी, सुरेश चौधरी, राजिंदर जरियाल, गुरदेव भारती, प्रभात चौधरी, जगदीश चौधरी, रविंद्र राणा, भगत राम, डॉक्टर विजय शर्मा, नरेंद्र थकियाल, राजेश राणा, कल्याण ठाकुर, प्रेम शर्मा और शरुती पॉल शर्मा ने भी अपने विचार रखे।