धर्मशाला शहर में वाहनों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन पार्किंग एक भी न होने से वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 10 सालों में शहर में वाहनों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
1 जनवरी, 2005 से अब तक शहर में पंजीकृत छोटे-बड़े वाहनों की कुल संख्या लगभग 12,500 पहुंच गई है। इस वर्ष जनवरी से नवंबर माह तक आरटीओ धर्मशाला में कुल 1250 वाहन पंजीकृत हुए। परिवहन विभाग की मानें तो प्रति वर्ष वाहनों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है।
दूसरी ओर शहर में पार्किंग स्थल वाहनों के बढ़ते आंकड़ों के सामने ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं। डीसी कार्यालय समेत अन्य प्रशासनिक विभागों के प्रमुख कार्यालय शहर के कचहरी अड्डा बाजार में स्थित हैं। मगर यहां वाहनों की पार्किंग के नाम पर एक भी स्थल उपलब्ध नहीं हैं।
दूसरी ओर कोतवाली बाजार में सामुदायिक भवन और धौलाधार होटल के नजदीक बने केवल दो पार्किंग स्थल सार्वजनिक सुविधा के लिए उपलब्ध हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद ने पार्किंग सुविधा के नाम पर जिला कला संग्रहालय के नजदीक बड़ा शॉपिंग कांप्लेक्स तैयार कर लिया। शॉपिंग कांप्लेक्स बने एक साल से ज्यादा समय हो गया लेकिन यहां अभी तक पार्किंग शुरू नहीं हो पाई। यानी, स्मार्ट सिटी और नगर निगम बन रहे धर्मशाला में पार्किंग ही नहीं है।
कैंट रोड में बने पार्किंग
समाजसेवी और जिला कांगड़ा व्यापार मंडल उपाध्यक्ष आरएल नरूला ने बताया कि कैंट रोड काली माता मंदिर में बड़ा भूभाग खाली पड़ा है। इसमें उपयुक्त निवेश किया जाए तो लगभग 500 वाहनों के पार्क करने की सुविधा मिलेगी।
येलो लाइन हो मार्क
कोतवाली बाजार व्यापार मंडल प्रधान अजयेंद्र चकवाल ने बताया कि शहर की सड़कों में येलो लाइन मार्किंग होने से पार्किंग का एक बड़ा समाधान निकल सकता हैं। पार्किंग न होने से शहर के व्यापारियों को 50 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है।
व्यापार को पहुंच रहा नुकसान
कचहरी बाजार व्यापार मंडल प्रधान हरबंस शर्मा ने बताया कि आए दिन बेतरतीब खड़े वाहनों से ट्रैफिक जाम लग रहा है। पार्किंग न होने की वजह से ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंचे रहे।
पर्यटन में भी पिछड़ सकता है शहर
शहर के समाजसेवी और हिमाचल बचाओ संस्था के संयोजक एसएस गुलेरिया ने भी बताया कि उचित पार्किंग न होने की वजह से आए दिन पर्यटकों को मुसीबतों का सामना पड़ता है। यदि इस समस्या का समय रहते हल नहीं हुआ तो पर्यटन की दृष्टि में शहर को भारी क्षति पहुंच सकती है।
सार्वजनिक पार्किंग की जल्द हो सुविधा
धर्मशाला बार काउंसिल अध्यक्ष धीरज लगवाल ने बताया कि पार्किंग की व्यवस्था न होने से ज्यूडिशियल विंग सदस्यों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। पार्क कैफे कांप्लेक्स के नजदीक खाली भूभाग के उचित प्रयोग से सार्वजनिक पार्किंग स्थल बनना चाहिए।