धर्मशाला। आयुर्वेदिक पद्धति से जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत देने के उद्देश्य से प्रस्तावित वायो मित्र अभियान प्रदेशभर में अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। अभियान को शुरू करने के लिए जरूरी विशेष दवाइयां और पंचकर्म उपकरण अब तक आयुष विभाग को पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सके हैं। आयुष विभाग ने इस अभियान की शुरुआत के लिए नवंबर 2024 में सरकार को प्रस्ताव और आवश्यक संसाधनों की मांग भेजी थी। हर उपमंडल के दो आयुर्वेदिक संस्थानों में इस अभियान को शुरू किया जाना था, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी विभाग को पूरी आपूर्ति नहीं मिल पाई है। अभियान के तहत बुजुर्गों और अन्य लोगों को उनके नजदीकी आयुर्वेदिक संस्थान में ही घुटनों, कमर और कंधे के दर्द जैसी समस्याओं का उपचार पंचकर्म विधि से देने की योजना थी। इसके लिए तेल, टॉनिक, मलहम और अन्य विशेष उपकरणों की जरूरत थी। जिला कांगड़ा में यह अभियान 16 आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटरों और धर्मशाला, देहरा और सुल्याली के तीन अस्पतालों में लागू होना था। पपरोला आयुर्वेदिक अस्पताल को नोडल एजेंसी के रूप में नियुक्त किया था।
यह थी मांग
आयुष विभाग ने हर संस्थान के लिए 50,000 रुपये से अधिक की दवाइयों और दो लाख तक के उपकरणों की मांग की थी। हालांकि अब तक केवल कुछ दवाइयों की ही आपूर्ति हो पाई है।
वायो मित्र अभियान के तहत विशेष दवाइयों और उपकरणों की डिमांड भेजी गई थी, लेकिन अभी तक कुछ ही दवाइयां मिल सकी हैं। जैसे ही पूरी आपूर्ति हो जाती है, अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. हरीश भारद्वाज,जिला आयुष अधिकारी
बुजुर्गों को मिलनी थी अधिक राहत
इस अभियान से सबसे अधिक लाभ बुजुर्ग मरीजों को मिलना था, जिन्हें रोजमर्रा के दर्द और असहजता से राहत दिलाने के लिए यह सेवा उनके घर के नजदीक उपलब्ध होनी थी। अब उम्मीद की जा रही है कि विभाग जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित कर इस रुके हुए अभियान को प्रारंभ करेगा, जिससे हजारों मरीजों को लाभ मिल सके।