सिबिल क्रेडिट स्कोर कम दिखाने पर मुआवजा देने के आदेश
उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। दोपहिया वाहन का लोन समय पर चुकाने के बावजूद गृह ऋण के लिए सिबिल क्रेडिट स्कोर कम दिखाकर ऋण देने से मना करने पर बीमा कंपनी को मुआवजे के तौर पर 40 हजार रुपये 45 दिन के भीतर ग्राहक को देने होंगे। इस समयावधि के दौरान यह मुआवजा राशि न देने पर नौ फीसदी ब्याज के साथ राशि देनी होगी। साथ ही कंपनी को मुकद्दमा खर्च के रूप में ग्राहक को 10 हजार रुपये भी देने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्य आरती सूद की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष संजीव कुमार निवासी ढगवार तहसील धर्मशाला ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता ने आयोग में दर्ज करवाई शिकायत में कहा था कि दोपहिया वाहन के लिए हिंदुजा लेलैंड फाइनांस लिमिटेड से 99,500 रुपये का ऋण लिया था। इस ऋण को नवंबर 2020 तक फाइनांस कंपनी को को ब्याज सहित पूरी ऋण राशि का भुगतान कर दिया और इस संबंध में कंपनी से ऋण खाते को बंद करने के संबंध में एक प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया। इसके बाद सितंबर 2024 में उन्होंने नए घर के निर्माण के लिए गृह ऋण सुविधा का लाभ उठाने के लिए एक निजी बैंक से संपर्क किया। इस दौरान आवश्यक दस्तावेज तैयार करते समय पता चला कि बैंक के अधिकारियों ने कम सिबिल क्रेडिट स्कोर के कारण उन्हें होम लोन देने से इनकार कर दिया।
शिकायतकर्ता ने बैंक अधिकारियों को समझाने का प्रयास किया कि वह एसबीआई बैंक में अपने मौजूदा ऋण खाते की ईएमआई नियमित रूप से चुका रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें बताया गया कि उनका कम क्रेडिट स्कोर 50,220 रुपये की बकाया राशि के कारण है, जो उसके एक दोपहिया वाहन ऋण खाता पर बकाया है। इस पर उन्होंने फाइनांस कंपनी से संपर्क किया, जहां अधिकारियों ने बकाया राशि देने की बात कही। आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज होने पर फाइनांस कंपनी की ओर साक्ष्य पेश किए गए, जिसमें यह भी सामने आया कि कंपनी की ओर से शिकायतकर्ता को ऋण समाप्त होने के बारे में एनओसी भी जारी की जा चुकी है। सभी तथ्यों को जांचने के बाद आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।