धर्मशाला। दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) 2025-27 के लिए 23 से 25 सितंबर तक हुई दूसरे चरण की काउंसलिंग में अपेक्षाकृत कम अभ्यर्थी पहुंचे। इसके कारण 1100 से अधिक सीटें अब भी रिक्त पड़ी हैं। दूसरे चरण में मात्र 108 अभ्यर्थी ही काउंसलिंग के लिए पहुंचे।
इस चरण में 1152 सीटों को भरने के लिए 1825 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। मगर काउंसलिंग के पहले दिन केवल 23, दूसरे दिन 50 और तीसरे दिन करीब 35 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। दूसरे चरण में कुल मिलाकर मात्र 108 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग में भाग लिया।
बोर्ड ने डीएलएड सत्र 2025-27 के लिए 29 मई को प्रदेशभर में 87 केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी। 15,609 अभ्यर्थियों में से 14,352 ने परीक्षा दी, जबकि 1,257 अनुपस्थित रहे। जुलाई में घोषित परिणाम में 3,203 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे। इनमें से न्यूनतम 45 फीसदी अंक हासिल करने वालों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया।
प्रदेश के सरकारी और निजी डाइट संस्थानों में कुल लगभग 2,550 सीटें ही भरी जानी हैं। अब तक हुई दो चरण की काउंसलिंग के बाद भी 1100 से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मेरिट लिस्ट को रिवाइव नहीं किया गया तो इन सीटों को भरना कठिन होगा, क्योंकि कई अभ्यर्थी पहले ही अन्य कोर्सों में प्रवेश ले चुके हैं और काउंसलिंग में भाग नहीं ले रहे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि खाली सीटों को भरने के लिए जल्द ही तीसरे चरण की काउंसलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा।