नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। राखी के दिन भाई को कफन में लिपटा देख दोनों बहनें फूट-फूटकर रोईं। एक टक भाई के शव को जिस तरह निहार रहीं थी मानों कह रही हों कि अब हम किसकी कलाई में रखी बांधेंगी। उनकी राखी बांधने की उम्मीदें अब पूरी तरह टूट गई हैं। रामपुर के समेज में 31 जुलाई की आधी रात बादल फटने से आई त्रासदी में नगरोटा सूरियां के सुगनाड़ा निवासी हरदीप सिंह की मौत की पुष्टि होने के बाद सोमवार सुबह जैसे ही शव घर के आंगन में पहुंचा, दोनों बहनों की राखी बांधने की उम्मीद पूरी तरह टूट गई। दोनों बहनों का इकलौता भाई था हरदीप।
शव पहुंचने की खबर सुनते ही पूरा गांव शोक में डूब गया। आसपास के गांवों के लोग भी हरदीप के घर पहुंच गए। हरदीप परिवार का एकमात्र सहारा था। मृतक हरदीप की पत्नी पर तो दुखों का पहाड़ गिर गया और उनके दोनों बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बता दें कि हरदीप सिंह के लापता होने की खबर के 18 दिन बाद उम्मीद टूट गई, जब शिमला से उसके परिवार को हरदीप के शव मिलने की खबर आई। पुलिस और प्रशासन ने शव की पहचान पिता के डीएनए से मैच कर की।
नगरोटा सूरियां के श्मशानघाट में किया अंतिम संस्कार
हरदीप सिंह का सोमवार को नगरोटा सूरियां के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया। उनकी चिता को मुखाग्नि बेटे ने दी। भाजपा नेता संजय गुलेरिया ने भी श्मशानघाट पहुंच कर हरदीप को अंतिम श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।