धर्मशाला। ठाकुरद्वारा में आयोजित ओबीसी कार्यक्रम के संबंध में सुलह के विधायक विपिन परमार पर ओबीसी नेताओं ने तीखा हमला बोला है। ओबीसी कल्याण मंडल के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल स्वरूप कोहली और घृत बाहती चाहंग महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही विधायक को ओबीसी समाज की याद आने लगी है। सत्ता में रहते हुए उन्होंने समाज के हितों का विरोध किया।
कर्नल स्वरूप कोहली ने कहा कि जयराम सरकार के कार्यकाल के दौरान जब तत्कालीन विधायकों अरुण कुमार और रमेश धवाला ने 93वें संविधान संशोधन को लागू करने का प्रस्ताव रखा था, तब परमार ने विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए इसका विरोध किया था। इसके अलावा, 10 सितंबर 2022 को सौंपे गए मांगपत्र पर कार्रवाई करने के बजाय उनका नंबर ब्लॉक कर दिया गया।
ओबीसी नेताओं ने कहा कि केंद्र में 27 प्रतिशत आरक्षण की बात करने वाले नेताओं को हिमाचल में भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही सुलह में राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित कर राजनीतिक स्वार्थ के लिए ओबीसी वर्ग का इस्तेमाल करने वालों का पर्दाफाश किया जाएगा।