नगर परिषद मैदान कांगड़ा से धर्मशाला तक निकाली जाएगी पैदल यात्रा
93वें संविधान संशोधन को लागू न करने की मांग उठाई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। लंबित मांगों को मनवाने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) 20 सितंबर को सामाजिक न्याय यात्रा निकालेगा। यह यात्रा नगर परिषद मैदान कांगड़ा से शुरू होकर धर्मशाला में समाप्त होगी। इस दौरान अधिकार, सम्मान और समानता की आवाज को ओबीसी संघर्ष समिति के तहत बुलंद की जाएगी।
ओबीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सौरभ कौंडल, चौधरी फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष रोबिन कौंडल और उपाध्यक्ष पंकज चौधरी ने बताया कि ओबीसी सामाजिक न्याय यात्रा को चलाे धर्मशाला का नारा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस न्याय यात्रा का उद्देश्य 93वें संविधान संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी को आरक्षण लागू करवाने की मांग करना है।
इसके अलावा अन्य मांगों में मंडल आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी सरकारी और अर्द्धसरकारी सेवाओं में 27 फीसदी आरक्षण लागू करना, केंद्रीय विश्वविद्यालय और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालरों में ओबीसी छात्रों के लिए छात्रावास बनाने की मांग, राइट टू एजुकेशन एक्ट को प्रदेश में पूरी तरह से लागू करना, सभी विभागों और संस्थानों में रोस्टर प्रणाली से ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित करने सहित प्रदेश में ओबीसी जनगणना शीघ्र करवाने की मांग रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह आंदोलन राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए है। यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो यह रैली भविष्य में एक बड़े आंदोलन की नींव बन सकी है। वहीं संघर्ष समिति के महासचिव राम लाल चौधरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल से भी इन सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रदेश भर में व्यापक जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।