बरियाल (कांगड़ा)। ग्रामीणों ने नगरोटा सूरियां को नगर पंचायत बनाने और बीडीओ कार्यालय को जवाली शिफ्ट करने के विरोध में संघर्ष समिति का गठन किया है। शुक्रवार शाम को नगरोटा सूरियां, बासा, कथोली और सुगनाड़ा के ग्रामीणों ने विश्रामगृह नगरोटा सूरियां में ब्लॉक समिति अध्यक्ष धीरज अत्री के नेतृत्व में बैठक की। इसमें ब्लॉक बचाओ, नगर पंचायत हटाओ नाम से 25 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया। इस समिति में नगरोटा सूरियां पंचायत के पूर्व प्रधान संजय महाजन को संयोजक बनाया, जबकि कथोली पंचायत प्रधान जीएस बेदी और खब्बल पंचायत के जसवंत सिंह को सह संयोजक बनाया है।
इस दौरान संघर्ष समिति ने फैसला किया कि नगर पंचायत का दर्जा देने की अधिसूचना और ब्लॉक मुख्यालय को नगरोटा सूरियां से जवाली स्थानांतरित करने के आदेशों को सात दिन के अंदर रद्द नहीं किया तो ग्रामीण नगरोटा सूरियां बस अड्डे पर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। इस दौरान फैसला लिया गया कि नगर पंचायत में शामिल चारों पंचायतें ग्राम सभा का आयोजन कर नगर पंचायत बनाने और ब्लॉक मुख्यालय को जवाली शिफ्ट करने के विरोध में प्रस्ताव पारित करेंगी। प्रस्ताव की कॉपी को एसडीएम जवाली, डीसी कांगड़ा और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा और प्रस्ताव की एक प्रति उच्च न्यायालय शिमला देकर न्याय की गुहार लगाई जाएगी।
कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री काे दिखाएंगे काले झंडे : संजय
संघर्ष समिति संयोजक संजय महाजन ने कहा कि सात दिन का सरकार और जवाली विधायक एवं मंत्री चंद्र कुमार को समय दिया है। अगर नगर पंचायत की अधिसूचना रद्द कर विकास खंड नगरोटा सूरियां से छेड़छाड़ बंद नहीं की तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पंचायतों में घुसने नहीं दिया जाएगा और कृषि मंत्री सहित मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रमों का काले झंडों से स्वागत किया जाएगा।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ