धर्मशाला में पत्रकारवार्ता करते सरकारी ठेकेदार। -संवाद
धर्मशाला। प्रदेश सरकार कांगड़ा जोन के सरकारी ठेकेदारों के साथ भेदभाव कर रही है। ट्रेजरी में फंड नहीं हैं। इस कारण प्रदेश सरकार के पास ठेकेदारों का करीब 500 करोड़ रुपये बकाया भुगतान अटका पड़ा है। टोकन जारी हो चुके हैं, लेकिन ट्रेजरी में पैसा न होने की वजह से भुगतान रुका हुआ है। स्थिति यह है कि बुजका भरेया सरकारां दा... बेड़ा गर्क ठेकेदारां दा।
यह आरोप धर्मशाला में एक पत्रकारवार्ता के दौरान ठेकेदार गोल्डी चौधरी सहित अन्यों ने लगाए। प्रैसवार्ता में रजत चौधरी, रोहित शर्मा, अभय, निर्मल सिंह, कमल पठानिया, राजकुमार और कांता पठानिया आदि ठेकेदार मौजूद रहे। ठेकेदार गोल्डी चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने दिवाली पर चुनिंदा ठेकेदारों का भुगतान कर दिया। मगर कांगड़ा जोन के ठेकेदारों का करीब 500 करोड़ रुपये भुगतान फंसा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायकों ने आपदा के समय में अपनी सैलरी तो बढ़ा ली, लेकिन ठेकेदारों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। पिछले सप्ताह ठेकेदारों ने प्रदर्शन कर सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर भुगतान नहीं किया गया तो 11 नवंबर तक संघर्ष समिति गठित की जाएगी। इसके बाद सड़क पर विरोध प्रदर्शन के साथ चक्का जाम भी किया जाएगा।
ठेकेदारों ने कहा कि कई ठेकेदारों ने बैंक से लोन ले रखे हैं। भुगतान रुकने से वे किस्तें भी नहीं दे पा रहे। बैंकों की ओर से ठेकेदार डिफाल्टर घोषित किए जा रहे हैं। बच्चों की फीस भरना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से बकाया भुगतान जल्द जारी करने और जीएसटी दरों में राहत देने की मांग उठाई है।