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नए मर्ज एरिया को 2020 से देना पड़ सकता है प्रोपर्टी टैक्स

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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला में नए मर्ज एरिया के लोगों को अब जल्द ही प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना पड़ सकता है। नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही नए नियमों के तहत प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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हालांकि 2019 तक करों में छूट की समय सीमा पूरी होने के बाद इन करों की माफी की कोई अलग से अधिसूचना सरकार की तरफ से जारी नहीं की गई है।
ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को 2020 से ही प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा। नगर निगम धर्मशाला के मेयर ओंकार नैहरिया ने बताया कि नियमों के तहत जो टैक्स बनता है, नगर निगम उसे वसूल करने की तैयारी कर रहा है।
इससे नगर निगम की आमदनी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को रफ्तार दी जा सकेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में जब नगर परिषद धर्मशाला को नगर निगम का दर्जा दिया गया था, तो विभिन्न मापदंडों को पूरा करने के लिए तत्कालीन नगर परिषद के साथ लगती सात पंचायतों को नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया गया था। वर्तमान में नगर निगम में करीब दस वार्डों के तहत इन पंचायतों का लगभग 75 फीसदी क्षेत्र बनता है। इन सातों पंचायतों रामनगर, शामनगर, सकोह, दाड़ी, खनियारा, कंड और सिद्धबाड़ी की जनता को तब दो वर्ष के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी गई थी। इसके बाद यह छूट एक वर्ष और बढ़ा दी गई थी। ऐसे में वर्ष 2019 के बाद नगर निगम क्षेत्र में शामिल की गई नई पंचायतों को भी निगम की ओर से निर्धारित दरों से प्रॉपर्टी टैक्स देना पड़ना था। हालांकि प्रॉपर्टी के मूल्यांकन की लंबी और जटिल प्रक्रिया के चलते तब इन क्षेत्रों से टैक्स वसूलना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद कोरोना महामारी के चलते मूल्यांकन का कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। नगर निगम आयुक्त प्रदीप ठाकुर ने बताया कि अब तीन-चार वार्डों में कुछ क्षेत्र के मूल्यांकन का ही कार्य अब बाकी बचा है। कोरोना संक्रमण जैसे ही बेअसर होगा, निगम के कर्मचारी फिर से फील्ड में उतरकर मूल्यांकन की बची हुई प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे। इस मूल्यांकन प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही नगर निगम धर्मशाला के नए मर्ज एरिया के लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना पड़ेगा। हालांकि 2019 तक करों में छूट की समय सीमा पूरी होने के बाद इन करों की माफी की कोई अधिसूचना सरकार की तरफ से जारी नहीं की गई है। ऐसे में इन क्षेत्रों को 2020 से ही प्रॉपर्टी टैक्स देय होगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में नियमों के तहत बनने वाले प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा साइसेंस फीस, किराये सहित अन्य देयताओं को वसूल करना शुरू कर दिया तो इससे नगर निगम की आमदनी में तीन गुना तक की बढ़ोतरी होगी।
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नए नियमों में एरिया के आधार पर लगेगा प्रॉपर्टी टैक्स
नगर निगम धर्मशाला ने प्रापर्टी टैक्स वसूलने के 2020 में नियमों में कई अहम बदलाव किए थे। उनके अनुसार अब घरों, दुकानों और होटलों का टैक्स देने की पुरानी प्रथा बंद होगी। लोगों को अब एरिया के हिसाब से टैक्स देना होगा। यानी जिस व्यक्ति के पास जितनी जगह होगी, उसी के हिसाब से टैक्स लगेगा। खास बात यह है कि 2016 के बाद से टैक्स देने से बच रहे मर्ज एरिया के लोगों को अब नए नियमों के तहत टैक्स देना ही पड़ेगा। वहीं, टैक्स की चोरी करने वाले अब नहीं बच पाएंगे।
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