धर्मशाला। कांगड़ा के पर्यटन मानचित्र पर जल्द ही नरवाना साइट नई पहचान बनाने जा रही है। वन मंडल धर्मशाला के अंतर्गत आने वाले इस प्राकृतिक स्थल को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। हिमाचल प्रदेश ईको-टूरिज्म सोसायटी ने इसके संचालन के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी अंतिम तिथि को तीन अगस्त से बढ़ाकर एक सप्ताह और कर दिया गया है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपयुक्त बोलीदाता को साइट के संचालन और अस्थायी सुविधाएं विकसित करने की अनुमति दी जाएगी।
ईको-टूरिज्म साइट 50 लाख रुपये की लीज पर लगभग 15 वर्ष के लिए दी जाएगी। इसे बेहतर कार्य व्यवहार पर पांच वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। विभाग के अनुसार साइट पर टेंटिंग, कैंपिंग और हट जैसी सुविधाओं की अधिकतम क्षमता 80 से 120 तक होगी।
साइट पर सारा निर्माण अस्थायी होगा। वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर टेंडर रद्द कर दिया जाएगा।