सरकाघाट (मंडी)। विधानसभा क्षेत्र सरकाघाट के विधायक दिलीप ठाकुर ने विधानसभा में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान और राहत कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने विधानसभा में पूछा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारी बारिश से भूमि, घरों और सड़कों को हुए नुकसान के बाद क्या सुरक्षा प्रबंध किए गए।
इस पर संबंधित मंत्री ने जवाब दिया कि 931 स्थानों पर सुरक्षा दीवारें बनाई गईं, जिन पर 5.18 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 74 क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 2.22 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई। इसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) से राशि प्राप्त हुई।
विधायक दिलीप ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार केंद्र पर हिमाचल की अनदेखी का आरोप लगाती है, लेकिन हकीकत यह है कि आपदा राहत के लिए अधिकतर राशि केंद्र सरकार ने ही उपलब्ध करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सड़कों को सबसे अधिक नुकसान हुआ, उनकी मरम्मत नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा राहत कार्यों में भी कांग्रेस सरकार पक्षपात कर रही है।
उन्होंने गैहरा-ज्वाली-पटड़ीघाट और पटड़ीघाट-गोभडता सड़कों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सड़कें कई स्थानों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन सिर्फ एक जगह डेढ़ लाख की सुरक्षा दीवार बनाई गई। ठाकुर ने आरोप लगाया कि विभाग राहत राशि का दुरुपयोग कर रहा है और सरकार के चहेतों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निष्पक्ष जांच हो और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।