टांडा/धर्मशाला। प्रदेश के करीब पांच जिले के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले टांडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों को आए दिन अव्यवस्थाओं या कर्मचारियों के दुर्व्यवहार के कारण परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में कभी सुरक्षा कर्मचारी, कभी पर्ची काउंटर तो कभी मेडिकल स्टोर वाले मरीजों को परेशान कर रहे हैं। दो दिनों में ऐसे की दो मामले सामने आए हैं, जहां अस्पताल के कर्मचारियों के मरीजों को साथ दुर्व्यवहार किया गया। वीरवार को टांडा में एक वरिष्ठ नागरिक के साथ एक सिक्योरिटी में तैनात कर्मचारी ने अभद्र व्यवहार किया था। अब शुक्रवार को मटौर की रहने वाली महिला वीना देवी के साथ फार्मेसी/डिस्पेंसरी में तैनात एक महिला कर्मचारी ने बदतमीजी की और उनकी पर्ची उनके मुंह पर मार दी।
इसके बाद महिला ने इसकी शिकायत टांडा अस्पताल के एमएस से लिखित में की है। महिला शुक्रवार को अपनी दवाई लेने के लिए टांडा अस्पताल गई थी, लेकिन घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद जब उनका नंबर आया तो उन्हें आगे से यह कहा गया कि आपकी दवाई देख रहे हैं और आप साइड में खड़े रहें। परंतु जब उन्होंने दवाई के बारे पूछा तो अस्पताल में स्थित डिस्पेंसरी में तैनात एक महिला कर्मचारी और उनके स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी करते हुए उनकी पर्ची उनके मुंह में मारते हुए कहा कि आपकी दवाई यहां नहीं है। उनके साथ उनके पति भी थे। ऐसे में वे वहां से बिना दवाइयां लिए ही लौट गए और उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एमएस टांडा से की है और उनसे इस मामले में तुरंत कार्रवाई और कड़ा संज्ञान लेने के बारे में लिखा है।
- मरीजों के साथ कर्मचारियों के दुर्व्यवहार की शिकायत आई हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उन कर्मचारियों से लिखित में जवाब मांगा गया है। अगर इसमें जो कोई भी दोषी पाया जाएगा उस पर कड़ी करवाई की जाएगी, ताकि मरीजों को भविष्य में इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
- डॉ. अशोक वर्मा, एमएम, टांडा
- मामला उनके सामने आया है। इस बारे में एमएस टांडा को अवगत करवा दिया गया है। इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि कोई भी कर्मचारी किसी से भी ऐसा व्यवहार न करें।
- मुनीष कुमार, चीफ फार्मासिस्ट, टांडा