नूरपुर (कांगड़ा)। पंजाब राज्य की सीमा से नूरपुर, जवाली, इंदौरा और फतेहपुर क्षेत्रों में पहली जुलाई से 15 सितंबर तक खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई। नूरपुर स्थित खनन कार्यालय के तहत पड़ते क्षेत्र में पहली जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक खड्डों, नालों, नदियों, खनन पट्टों में खनन गतिविधियां पूरी तरह से बंद रहेंगी। इस दौरान क्रशर यूनिटों में केवल एकत्रित सामग्री ही क्रश किया जा सकता है। खनन विभाग ने इस बारे में नोटिस जारी कर संबंधित क्रशर संचालकों को सूचित कर दिया है। साथ ही खनन विभाग ने इस दिशा में खनन को रोकने के लिए तैयारियां कर ली है और टीमें गठित कर पूरे क्षेत्र की निगरानी शुरू के दी है।
इस दौरान अवैध खनन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और नियमों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खनन कार्यालय नूरपुर के तहत पड़ते उपमंडल नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर और जवाली में लगभग 56 स्टोन क्रशर हैं। यह स्टोन क्रशर अपनी-अपनी माइनिंग लीज से खनन सामग्री निकाल कर क्रशर बनाते हैं और रेता, बजरी ग्राहकों को बेचते है। अब पहली जुलाई से 15 सितंबर तक खनन गतिविधियों पर रोक के कारण अब कोई भी खनन पट्टों से खनन सामग्री नहीं ले जा सकता है।
इस बारे खनन कार्यालय नूरपुर के खनन अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि खनन कार्यालय नूरपुर के तहत पड़ते क्षेत्र में पहली जुलाई से 15 सितंबर तक खनन गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी और इस बारे नोटिस जारी कर सूचना दे दी गई है। क्षेत्र में खनन रोकने के लिए टीमें गठित की गई हैं और माइनिंग गार्ड्स और इंस्पेक्टरों को क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए और कहीं खनन होने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।