घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। सुलोचना देवी रसोई में बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार कर चुकी थीं और परोसने की तैयारी में थीं। इसी दौरान आरोपी स्कूल की पिछली दीवार फांदकर अंदर घुसा और सीधे रसोई की ओर बढ़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने अचानक दराती से महिला पर ताबड़तोड़ वार किए। स्कूल सेंटर हेड टीचर सरिता देवी ने बताया कि बच्चों की चीखें सुनकर जब वह मौके पर पहुंचीं तो सुलोचना खून से लथपथ रसोई के बाहर गिरी थीं और आरोपी मौके पर खड़ा धमकियां दे रहा था कि टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा।
इस बीच, शिक्षकों ने बच्चों को तुरंत कमरों में बंद कर दिया। शिक्षकों ने जब आरोपी को रोकने का प्रयास किया तो वह उन्हें भी धमकाने लगा। शोर सुनकर पास के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अध्यापक भी मौके पर पहुंचे और पत्थर फेंककर आरोपी को वहां से भगाया। हालांकि, तब तक सुलोचना दम तोड़ चुकी थीं। सूचना के बाद डाडासीबा पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के बाद महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए डाडासीबा अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दराती भी बरामद कर ली गई है।
फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में हमलावर और मृतका के बीच पैसों के लेनदेन की बात सामने आई है। आरोपी महिला का पड़ोसी है और उसने महिला से पैसे लेने थे। आरोपी के खिलाफ पहले भी दिल्ली में मारपीट का एक मामला दर्ज है और इसमें वह सजा भी काट चुका है।
उधर, पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने बताया कि आरोपी को वारदात के आधे घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। वह अपने घर के नजदीक ही एक पेड़ के नीचे बैठा था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार होगी सख्त कार्रवाई : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने देहरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चनौर के प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील वर्कर सलोचना देवी की हत्या की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान होने चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानून के अनुसार सख्त एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने शिक्षा विभाग को राज्य के सभी विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की तुरंत समीक्षा करने और उसे अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों, मिड-डे मील वर्करों सहित सभी सहायक कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसी घटना न हो। शिक्षा मंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।