-1000 में से 200 के आसपास ही मिल रहीं दवाएं
-गैस, ब्लड प्रेशर, शुगर और दर्द निवारक जैसी दवाएं भी खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य लोगों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध करवाना है लेकिन इन दिनों कई जन औषधि केंद्रों में दवाइयों की भारी कमी से मरीज परेशान हैं। केंद्रों में सूचीबद्ध करीब एक हजार दवाइयों में से केवल 200 के आसपास दवाएं ही उपलब्ध हैं। गैस, ब्लड प्रेशर, शुगर और दर्द निवारक जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाएं भी कई केंद्रों में खत्म हो चुकी हैं।
दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। खासकर बुजुर्ग और गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। कई मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की ओर से लिखी गईं जेनेरिक दवाएं जन औषधि केंद्रों में नहीं मिल रहीं। उन्हें बाजार से तीन से चार गुना अधिक कीमत पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। पिछले कुछ समय से सप्लाई अनियमित चल रही है। कई आवश्यक दवाओं की मांग भेजने के बावजूद समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही। कुछ केंद्रों में तो बीपी और गैस की सामान्य दवाओं का स्टॉक भी खत्म हो गया है। धर्मशाला अस्पताल स्थित केंद्र पर भी दवाओं की कमी है। मरीजों को बीपी और गैस की दवा तक नहीं मिल रही।
कई बार जन औषधि केंद्र वालों को कहा है कि अगर दवाओं की कमी है तो इसकी जानकारी दें ताकि दवाओं की डिमांड की जा सके। फिर भी इस बारे में उनसे बात की जाएगी। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला