धर्मशाला। एक्सपायरी डेट की चॉकलेट उपभोक्ता को बेचने और इसके सेवन से स्वास्थ्य खराब होने पर मार्ट को 10 हजार रुपये मुआवजा ग्राहक को देना होगा। साथ ही मार्ट संचालक को 10 हजार रुपये मुकद्दमा फीस और जिला उपभोक्ता कानूनी सहायता निधि में 10 हजार रुपये जमा करवाने होंगे। उपभोक्ता को नौ फीसदी ब्याज के साथ उत्पाद की कीमत 54 रुपये भी लौटानी होगी। साथ ही भविष्य में एक्सपायरी उत्पाद न रखें, इसको सुनिश्चित करने के लिए 31 अगस्त से पहले दो अखबारों में विज्ञापन भी देना होगा। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। शिकायतकर्ता अरुण कुमार निवासी एरला, बड़ोह ने इस बारे में शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि 19 मई 2024 को धर्मशाला के सिद्धपुर स्थित महामाई मेगा मार्ट से उन्होंने अमूल डार्क पैशन चाॅकलेट खरीदी थी, जिस पर समाप्ति तिथि 4 दिसंबर 2023 लिखी थी। इस उत्पाद के सेवन से शिकायतकर्ता को पेट में तकलीफ हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी मार्ट पर एक्सपायर उत्पाद बेचने की शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद भी मार्ट संचालक ने सबक न लेते हुए गलती को दोबारा दोहराया।
आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद पाया कि पहले भी मार्ट की ओर से अंडरटेकिंग दी थी कि भविष्य में इस गलती को दोबारा नहीं दोहराएगा। बावजूद इसके मार्ट की ओर से गलती को दोहराया गया, जिस पर आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए भी निर्देश दिए हैं, जिनकी अनुपालना 31 अगस्त 2025 से पहले करनी होगी।
पहले कर एवं आबकारी और विधिक मापतोल विभाग कर चुका कार्रवाई
संबंधित मार्ट के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर राज्य कर एवं आबकारी विभाग (प्रवर्तन विंग) ने बीते माह 20 लाख रुपये के करीब जुर्माना लगाया था। विधिक मापतोल विभाग भी खाद्य वस्तुओं पर एमआरपी समेत अन्य जानकारी अंकित न करने के आरोप में जुर्माना लगा चुका है।